
हस्तिनापुर (मेरठ): उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के हस्तिनापुर क्षेत्र स्थित नगली गाजरौली गांव में सोमवार को एक भीषण हादसा हो गया। यहाँ अपने खेत में नल की बोरिंग कराते समय हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से एक 46 वर्षीय व्यक्ति की जान चली गई, जबकि उसके साथ काम कर रहा मिस्त्री गंभीर रूप से झुलस गया है।

कैसे हुआ हादसा?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गांव निवासी श्यामलाल (46 वर्ष) अपने प्लॉट में पानी के लिए बोरिंग करवा रहे थे। बोरिंग के दौरान इस्तेमाल किया जा रहा लोहे का पाइप अचानक ऊपर से गुजर रही 11,000 वोल्ट की हाईटेंशन विद्युत लाइन से टकरा गया। पाइप में तेज करंट उतरने के कारण श्यामलाल और तारापुर निवासी मिस्त्री बुध सिंह बुरी तरह झुलस गए।

अस्पताल में तोड़ा दम
घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई। आनन-फानन में घायलों को अस्पताल ले जाया गया।
श्यामलाल: इन्हें हस्तिनापुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
बुध सिंह (मिस्त्री): उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें रामराज के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनकी हालत नाजुक बनी हुई है।

ग्रामीणों में आक्रोश: लापरवाही का आरोप
हादसे के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन और बिजली विभाग के खिलाफ कड़ा रोष व्यक्त किया है। ग्रामीणों का आरोप है कि:
यह एक अवैध कॉलोनी है जहाँ सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई।
घरों और प्लॉट के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइनों को बार-बार शिकायत के बाद भी नहीं हटाया गया।
सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए थे।

पुलिस की कार्रवाई और मुआवजे की मांग
सूचना मिलते ही पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची और शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए मेरठ भेज दिया। मृतक श्यामलाल अपने पीछे दो बच्चों सहित पूरा परिवार छोड़ गए हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने और पीड़ित परिवार को उचित आर्थिक सहायता (मुआवजा) देने की मांग की है।










